एकाग्रता : स्वामी विवेकानंद का प्रेरक प्रसंग | Concentration Swami Vivekanand Prerak Prasang

एक दिन स्वामी विवेकानंद पाल डायसन के साथ साहित्य पर विचार-विमर्श कर रहे थे. पाल डायसन जर्मनी के निवासी थे और संस्कृत के महान विद्वान थे. विचार-विमर्श के मध्य अचानक पाल डायसन को एक आवश्यक कार्य से बाहर जाना पड़ा. कार्य पूर्ण कर जब वे लौटे, तो स्वामी विवेकानंद को एक पुस्तक पढ़ते हुए पाया.

 लक्ष्य पर ध्यान स्वामी विवेकानंद का प्रेरक प्रसंग | Lakshay Par Dhyan Swami Vivekanand Prerak Prasang

यह घटना उस समय की है, जब विवेकानन्द अमरीका में थे. एक बार वे भ्रमण पर निकले. एक नदी के पास से गुजरते हुए उन्होंने कुछ लड़कों को देखा. वे सभी पुल पर खड़े थे और वहाँ से नदी के पानी में बहते हुए अण्डों के छिलकों पर बन्दूक से निशाना लगाने का प्रयास कर रहे थे. लेकिन, किसी भी लड़के का एक भी निशाना सही नहीं लग रहा था.