मेरा कर्त्तव्य : श्री घनश्यामदास जी बिड़ला का प्रेरक प्रसंग | Prerak Prasang

Prerak Prasang Hindi : पद्म विभूषण से सम्मानित श्री घनश्यामदास जी बिड़ला भारत के अग्रणी औद्योगिक समूह बी.के.के.एम. बिड़ला के…

हमेशा भगवान के शुक्रगुज़ार रहें आर्थर ऐश का प्रेरक प्रसंग | Always Thankful To God Arthur Ashe Prerak Prasang

विश्व के पूर्व नंबर एक टेनिस खिलाड़ी आर्थर ऐश (जुलाई 10, 1943 – फरवरी 6, 1993) एकमात्र अश्वेत पुरुष खिलाड़ी है, जिन्होंने विम्बलडन, ऑस्ट्रेलियन ओपन और यू० एस० ओपन टूर्नामेंट का ख़िताब अपने नाम किया था. शानदार टेनिस करियर के बाद उनके जीवन में एक ऐसा दौर भी आया, जब वे AIDS जैसी गंभीर और जानलेवा बीमारी से जूझ रहे थे. एक सर्जरी के दौरान infected blood चढ़ाने के कारण वे इस घातक बीमारी की चपेट में आ गए थे.

दूसरा दीपक चाणक्य का प्रेरक प्रसंग | Doosra Deepak Chanakya Prerak Prasang

चाणक्य नीति-शास्त्र के लिए प्रसिद्ध थे. उनका गुणगान सुनकर एक दिन एक चीनी दार्शनिक उनसे मिलने आया. जब वह चाणक्य के घर पहुँचा, तब तक अँधेरा हो चुका था. घर में प्रवेश करते समय उसने देखा कि तेल से दीप्यमान एक दीपक के प्रकाश में चाणक्य कोई ग्रन्थ लिखने में व्यस्त है. चाणक्य की दृष्टि जब आगंतुक पर पड़ी, तो उन्होंने मुस्कुराते हुए उसका स्वागत किया और उसे अंदर विराजमान होने को कहा. फिर शीघ्रता से अपना लेखन कार्य समाप्त कर उन्होंने उस दीपक को बुझा दिया, जिसके प्रकाश में वे आगंतुक के आगमन तक कार्य कर रहे थे.