एकाग्रता : स्वामी विवेकानंद का प्रेरक प्रसंग | Concentration Swami Vivekanand Prerak Prasang

एक दिन स्वामी विवेकानंद पाल डायसन के साथ साहित्य पर विचार-विमर्श कर रहे थे. पाल डायसन जर्मनी के निवासी थे और संस्कृत के महान विद्वान थे. विचार-विमर्श के मध्य अचानक पाल डायसन को एक आवश्यक कार्य से बाहर जाना पड़ा. कार्य पूर्ण कर जब वे लौटे, तो स्वामी विवेकानंद को एक पुस्तक पढ़ते हुए पाया.