जब पंडित नेहरू ने की चोरी : पंडित नेहरू का प्रेरक प्रसंग |

यह घटना पंडित जवाहर लाल नेहरू के बचपन की है. उस समय उनकी उम्र ५ या ६ वर्ष की रही होगी. उनके पिता मोतीलाल नेहरू बहुत कड़क मिज़ाज़ के थे. घर पर सभी उनसे बहुत डरते थे. बालक नेहरू अपने पिता का सम्मान तो बहुत करते थे, लेकिन उन्होंने कई बार अपने पिता का गुस्सा घर के नौकर-चाकरों पर उतरते हुए देखा था. इसलिए वे उनसे डरते भी बहुत थे. एक दिन उनके पिता घर पर नहीं थे.

आज़ादी की चाह : पंडित जवाहर लाल नेहरू का प्रेरक प्रसंग | Azadi Ki Chah Pandit Jawahar Lal Nehru Prerak Prasang

यह घटना उस समय की है, जब पंडित जवाहर लाल नेहरू किशोरावस्था में थे. उनके पिता मोतीलाल नेहरू न सिर्फ इलाहबाद के एक मशहूर बैरिस्टर थे, बल्कि एक स्वतंत्रता सेनानी भी थे. भारत की स्वतंत्रता की मुहिम में वे बढ़-चढ़कर हिस्सा लेते थे, जिसे देख बालक नेहरू बहुत प्रभावित थे. धीरे-धीरे वे भी परतंत्रता और स्वतंत्रता के जीवन में अंतर को समझ रहे थे.

जब एक वृद्धा ने लगाई पंडित नेहरू को डांट | Pt Jawaharlal Nehru Prerak Prasang

प्रधानमंत्री बनने के बाद एक बार पंडित जवाहर लाल नेहरू इलाहबाद में कुंभ मेले गए. प्रधानमंत्री के आगमन की बात सुनकर वहाँ अपार जन-समूह उमड़ पड़ा. लोगों की भीड़ के बीच उनकी कार धीरे-धीरे आगे बढ़ रही थी. लोग पंडित जी को देखने के लिए उतावले थे. जैसे ही वे उनकी झलक पाते, उनमें उत्साह और खुशी की लहर दौड़ पड़ती. पूरा वातावरण ‘जवाहरलाल नेहरू की जय’ के नारों से गुंजायमान था.