स्वामी दयानंद सरस्वती के ५० अनमोल विचार | 50 Swami Dayanand Saraswati Quotes In Hindi

Swami Dayanand Saraswati Quotes In Hindi : स्वामी दयानंद सरस्वती एक महान विचारक, समाज-सुधारक और देश-भक्त थे. उन्होंने वेदों की सत्ता को सर्वोपरि माना और ‘वेदों की ओर लौटो’ का नारा दिया. वे समाज में व्याप्त कुरीतियों, अंधविश्वासों और बुराइयों का विरोध किया तथा उन्हें दूर करने की दिशा में प्रयत्नशील रहे. वे स्त्रियों की शिक्षा और सती प्रथा का निषेध और विधवा विवाह के प्रबल समर्थक थे. उन्होंने आर्यसमाज की स्थापना की और स्वराज का नारा दिया, जिसे कालांतर में लोकमान्य तिलक ने आगे बढ़ाया.

स्वामी दयानंद के विचारों से कई महापुरुष प्रभावित थे. उन्हीं विचारों का संकलन इस लेख में प्रस्तुत है.

Swami Dayanand Saraswati Short Bio

Name Swami Dayananda Saraswati/ Mulshankar
Birth 12 February 1824
Place Of Birth Tankara, Gujarat
Death 30 October 1883
Known For  Indian Philosopher, Founder of the Arya Samaj

Swami Dayanan Saraswati Quotes In Hindi

Swami Dayanand Saraswati Quotes In Hindi
Swami Dayanand Saraswati Quotes In Hindi

01-10 Swami Dayanand Saraswati Quotes In Hindi


1. People say that they understand what I say and I am simple. I am not simple, I am clear.

Swami Dayananda Saraswati

लोग कहते हैं कि वे समझते हैं कि मैं क्या कहता हूं और मैं सरल हूँ. मैं सरल नहीं हूँ, मैं स्पष्ट हूं.

स्वामी दयानंद सरस्वती


2. Give the world the best you have and best will come back to you.

Swami Dayananda Saraswati 

दुनिया को अपना सर्वश्रेष्ठ दीजिये और सर्वश्रेष्ठ आपके पास लौटकर आएगा.

दयानंद सरस्वती


3. The highest form of service is to help a person who is incapable of thanking in return.

Swami Dayananda Saraswati

सबसे उच्च कोटि की सेवा ऐसे व्यक्ति की सहायता करना है, जो बदले में आपको धन्यवाद कहने में भी असक्षम हो.

स्वामी दयानंद सरस्वती


4. A value is valuable when the value of value is valuable to oneself.

Swami Dayananda Saraswati

मूल्य मूल्यवान तब है, जब उस मूल्य का मूल्य स्वयं के लिए मूल्यवान हो.

स्वामी दयानंद सरस्वती


5. Innocent pleasures are got by virtue and well-earned wealth.

Swami Dayananda Saraswati

सरल सुख सदाचार और उचित रीति से अर्जित धन द्वारा प्राप्त होता है.

स्वामी दयानंद सरस्वती


6. The tongue should express what is in the heart.

Swami Dayananda Saraswati

ज़ुबान से वही ज़ाहिर करना चाहिए, जो दिल में है.

स्वामी दयानंद सरस्वती


7. The greatest musical instrument given to a human being is the voice.

Swami Dayananda Saraswati

मनुष्य को प्रदत्त सर्वोत्तम वाद्य यंत्र वाणी है.

स्वामी दयानंद सरस्वती


8. The soul is one in its nature, but its entities are many.

Swami Dayananda Saraswati

आत्मा अपनी प्रकृति में एक ही है,  किंतु इसका सत्व अनेक है.

स्वामी दयानंद सरस्वती


9. Wealth is a thing, earned with honesty and justice. Its opposite is the Mammon of unrighteousness.

Swami Dayananda Saraswati

धन एक वस्तु है, ईमानदारी और न्याय के साथ अर्जित की गई. इसके विपरीत अधर्म की दौलत है.

स्वामी दयानंद सरस्वती


10. I love to follow truth; nay, I have made it my duty to persuade others to act on truth and abjure falsehood for the sake of their own good. So, the eradication of iniquities is the object of my life.

Swami Dayananda Saraswati

मुझे सत्य का अनुसरण करना पसंद है; बल्कि, धर्म का आचरण करने और अपने स्वयं के हित के लिए अधर्म का परित्याग करने हेतु दूसरों में विश्वास जगाना मैंने अपना कर्तव्य बना लिया है. इस तरह, अधर्म का उन्मूलन मेरे जीवन का उद्देश्य है.

स्वामी दयानंद सरस्वती


11-20 Swami Dayanand Saraswati Quotes In Hindi


11. Lyric helps invoke the core person. And, without lyric, it is difficult to touch the core. Lyrical music is the music of India.

Swami Dayananda Saraswati

गीत आंतरिक व्यक्तित्व का आह्वान करने में सहायक है. और, बिना गीत के, हृदय को छू पाना जटिल है. काव्यात्मक संगीत ही भारत का संगीत है.

स्वामी दयानंद सरस्वती


12. People should try to know God and imitate him in their works. Repetitions and ceremonials are of no use.


Swami Dayananda Saraswati

मनुष्य को भगवान को जानने और उनके कार्यों में उनके अनुकरण करने का प्रयास करना चाहिए. दोहराव और औपचारिकता किसी काम के नहीं.

स्वामी दयानंद सरस्वती


13. What is crucial in dealing with loss is not to lose the lesson. That makes you a winner in the most profound sense.

Swami Dayananda Saraswati

हार का सामना करते समय सबक को न गंवा देना सबसे महत्वपूर्ण है. यह आपको सबसे गहन अर्थों में विजेता बनाता है.

स्वामी दयानंद सरस्वती


14. Beneficience removes evils, introduces the practice of virtue, and adds to general welfare and civilization.

Swami Dayananda Saraswati

उपकार बुराई का अंत करता है, सदाचार के अभ्यास का सूत्रपात करता है, और  जन-कल्याण तथा संस्कृति में योगदान देता है.

स्वामी दयानंद सरस्वती


15. Prayer in any form is efficacious because it is an action. It will, therefore, have a result. That is the law of this universe in which we find ourselves.

 

Swami Dayananda Saraswati

प्रार्थना हर रूप में प्रभावशाली है, क्योंकि यह एक भाव है. इसलिए, इसका परिणाम होगा. यह इस ब्रह्मांड का नियम है, जिसमें हम खुद को पाते हैं.

स्वामी दयानंद सरस्वती


16. Salvation is the state of emancipation from the endurance of pain and subjection to birth and death, and of the life of liberty and happiness in the immensity of God.

Swami Dayananda Saraswati

मोक्ष दु:खभोग और जीवन एवं मृत्यु की अधीनता से मुक्ति, तथा ईश्वर की असीमता में स्वतंत्र और आनंदमय जीवन की एक दशा है.

स्वामी दयानंद सरस्वती


17. God is absolutely holy and wise. His nature, attributes, and power are all holy. He is omnipresent, incorporeal, unborn, immense, omniscient, omnipotent, merciful and just. He is the maker, protector, and destroyer of worlds.

Swami Dayananda Saraswati

ईश्वर पूर्णतया पवित्र और विद्वान हैं. उनका स्वभाव, गुण और शक्ति सर्वस्व पवित्र हैं. वह सर्वव्यापी, निराकार, अनागत, अपरिमित, अंतर्यामी, सर्वशक्तिमान, दयालु और न्यायसंगत है. वह विश्व निर्माता, रक्षक और विध्वंसक है.

स्वामी दयानंद सरस्वती


18. No human heart is denied empathy. No religion can demolish that by indoctrination. No culture, no nation and nationalism – nothing can touch it because it is empathy.

Swami Dayananda Saraswati

कोई मानव हृदय संवेदनाहीन नहीं है. कोई धर्म भावनाओं द्वारा उसे ध्वस्त नहीं कर सकता. न कोई संस्कृति, न राष्ट्र और न ही राष्ट्रवाद – कुछ भी इसे छू नहीं सकता क्योंकि यह संवेदना है.

स्वामी दयानंद सरस्वती


19. The fitness of the pupil is shown in his love for the acquisition of knowledge, his willingness to receive instruction, his reverence for learned and virtuous men, his attendance upon the teacher, and his execution of orders.

Swami Dayananda Saraswati

शिष्य की योग्यता उसके ज्ञानप्राप्ति के प्रति प्रेम, निर्देश प्राप्ति की इच्छा, विद्वान और सदाचारी पुरुषों के प्रति उसकी श्रद्धा, शिक्षक के निकट उसकी उपस्थिति और उसके द्वारा आदेशों के परिपालन में दिखाई पड़ती है.

स्वामी दयानंद सरस्वती


20. Though music transcends language, culture and time, and though notes are the same, Indian music is unique because it is evolved, sophisticated and melodies are defined.

Swami Dayananda Saraswati

 यद्यपि संगीत भाषा, संस्कृति और समय से ऊँचा है, और हालांकि ध्वनि समान हैं, पर भारतीय संगीत अद्वितीय है क्योंकि यह विकसित है, परिष्कृत है और इसमें धुनों को परिभाषित किया गया है.

स्वामी दयानंद सरस्वती


21-30 Swami Dayanand Saraswati Quotes In Hindi


Swami Dayananda Saraswati Quotes In Hindi
Swami Dayananda Saraswati Quotes In Hindi

21. The works of present life are more important that the whole and entire reliance on wholesale blind fate.

Swami Dayananda Saraswati

वर्तमान जीवन के कार्य थोक अंधविश्वास पर पूर्ण और संपूर्ण निर्भरता से कहीं अधिक महत्वपूर्ण हैं.  

स्वामी दयानंद सरस्वती


22. Because a human being is endowed with empathy, he violates the natural order if he does not reach out to those who need care. Responding to this empathy, one is in harmony with the order of things, with dharma; otherwise, one is not.

Swami Dayananda Saraswati

क्योंकि इंसान संवेदना संपन्न है, वह प्राकृतिक व्यवस्था का उल्लंघन कर देता है, जब वह उन तक नहीं पहुँच पाता, जिन्हें देखरेख की आवश्यकता है. इस संवेदना के उत्तर में,  कोई चीजों के अनुक्रम के साथ सामंजस्य में है, धर्म के साथ है; अन्यथा,  नहीं है.

स्वामी दयानंद सरस्वती


23. You want to change others so that you can be free. But, it never works that way. Accept others and you are free.

Swami Dayananda Saraswati

आप दूसरों को बदलना चाहते हैं, ताकि आप विमुक्त रह सकें. लेकिन, ये इस तरह काम नहीं करता. दूसरों को स्वीकार करें और आप विमुक्त हैं.

स्वामी दयानंद सरस्वती


24. A person who consumes the least and contributes most is a mature person, for in giving lies the self-growth.

Swami Dayananda Saraswati

जो व्यक्ति थोड़ा ग्रहण करता है और ज्यादा बांट देता है, वह परिपक्व इंसान है, क्योंकि देने में ही आत्म-विकास निहित है.

स्वामी दयानंद सरस्वती


25. It is not wrong to be an ignorant; it is an error to continue to be an ignorant. 

Swami Dayananda Saraswati

अज्ञानी होना गलत नहीं है; अज्ञानी बने रहना गलत है.

स्वामी दयानंद सरस्वती


26. Validation of culture of a child is itself validation of a child itself. 

Swami Dayanand Saraswati

एक बच्चे की संस्कृति का सत्यापन स्वयं एक बच्चे का सत्यापन है.

स्वामी दयानंद सरस्वती


27. As the god has given sun,water,earth,fire,air,moon to all,In the same way he had given true knowledge of Vedas for all mankind.

Swami Dayanand Saraswati

जैसे भगवान ने सबको सूर्य, जल, पृथ्वी, अग्नि, वायु, चंद्रमा दिया है, उसी तरह उन्होंने सभी मानव जाति को वेदों का सच्चा ज्ञान दिया था.

स्वामी दयानंद सरस्वती


28.A virtuous, truth speaking and educated person is arya while opposite to that is a thief.

Swami Dayanand Saraswati

गुणी, सत्य बोलने वाला और शिक्षित व्यक्ति आर्य है, जबकि इसके विपरीत चोर है.

स्वामी दयानंद सरस्वती


29. They are Great who feel self Happiness when others are Happy and Unhappy when others are in Unhappy.

Swami Dayanand Saraswati

वे महान हैं, जो स्वयं खुशी महसूस करते हैं, जब दूसरे खुश हों और दु:खी महसूस करते हैं, जब दूसरे दु:खी हों.

स्वामी दयानंद सरस्वती


30. Always first see bad in yourself than in others, you will find many who are always busy in saying others bad and not looking themselves.

Swami Dayananda Saraswati

हमेशा दूसरों के पहले स्वयं में बुराई देखें. आपको बहुत से ऐसे मिलेंगे, जो हमेशा दूसरों को बुरा कहने और ख़ुद को न देखने में व्यस्त रहते हैं.

स्वामी दयानंद सरस्वती


31-40 Swami Dayanand Saraswati Quotes In Hindi


31. In humans fear is due to doubts ,bad company and bad impression which leads to suffering of them.

Swami Dayanand Saraswati

मनुष्यों में भय संदेह, बुरी संगत और बुरी धारणा के कारण होता है, जिसके फलस्वरुप उन्हें कष्ट होता है.

स्वामी दयानंद सरस्वती


32. Those who help others they are helped by the god.

Swami Dayananda Saraswati

जो लोग दूसरों की सहायता करते हैं, उनकी सहायता ईश्वर करता है.

स्वामी दयानंद सरस्वती


33. When bad does not leave their badness why does the good leave their goodness.

Swami Dayananda Saraswati

जब बुरे अपनी बुराई नहीं छोड़ते, तो अच्छे अपनी अच्छाई क्यों छोड़ें?

स्वामी दयानंद सरस्वती


34. We should never say lie, never leave the path of dharma due to fear of critics or due to any greed.

Swami Dayanand Saraswati

हमें कभी भी झूठ नहीं बोलना चाहिए, आलोचकों के डर से या किसी लोभ के कारण धर्म का रास्ता कभी नहीं छोड़ना चाहिए.

स्वामी दयानंद सरस्वती


35. Knowledge, truth speaking and practice of yoga are the real ways to moksha (salvation).

Swami Dayanand Saraswati

ज्ञान, सत्य वचन और योगाभ्यास मोक्ष (मोक्ष) प्राप्ति के वास्तविक पथ हैं.

स्वामी दयानंद सरस्वती


36. Till you live you should always do right karma.

Swami Dayanand Saraswati

अपने जीवित रहने तक आप सदा सही कर्म करें.

स्वामी दयानंद सरस्वती


37. We should never think of self respect and abuse if we are doing good for others.

Swami Dayanand Saraswati

यदि हम दूसरों के लिए अच्छा कर रहे हैं तो हमें कभी भी आत्मसम्मान और दुर्व्यवहार के बारे में नहीं सोचना चाहिए.

स्वामी दयानंद सरस्वती


38. All right persons should work hard to destroy all these man made religions from their roots, then only whole man kind will progress.

Swami Dayanand Saraswati

सभी सही व्यक्तियों को इन सभी मानव निर्मित धर्मों को उनके जड़ से समाप्त करने हेतु कड़ी मेहनत करनी चाहिए, तभी संपूर्ण मनुष्यजाति की उन्नति होगी.

स्वामी दयानंद सरस्वती


39. Enlighten- It cannot be an event. All that is here is non-duality. How will it happen? It is clarity.

Swami Dayananda Saraswati

प्रबुद्ध हो जाना – ये कोई घटना नहीं हो सकती. जो भी यहाँ है वह अद्वैत है. ये कैसे हो सकता है? यह स्पष्टता है.

स्वामी दयानंद सरस्वती


40. We need to know luck is also earned and not imposed! There is no un-earned grace.

Swami Dayanand Saraswati

हमें जानने की आवश्यकता है कि भाग्य भी उपार्जित किया जाता है और अधिरोपित नहीं किया जाता. ऐसा कोई अनुपार्जित अनुग्रह नहीं है.

स्वामी दयानंद सरस्वती


51-60 Swami Dayanand Saraswati Quotes In Hindi


Swami Dayananda Saraswati Quotes In Hindi
Swami Dayananda Saraswati Quotes In Hindi

41. Making enemy on name of religion is always bad.

Swami Dayanand Saraswati

धर्म के नाम पर शत्रु बनाना हमेशा बुरा होता है.

स्वामी दयानंद सरस्वती


42. If all people understand the true dharma given in Vedas then its definite that all would definitely be benefited.

Swami Dayananda Saraswati

यदि सभी लोग वेदों में दिए गए सच्चे धर्म को समझें, तो यह निश्चित है कि निःसंदेह सभी लाभान्वित होंगे.

स्वामी दयानंद सरस्वती


43. I consider almighty god above all. so only I always propagate his true message of Vedas.

Swami Dayanand Saraswati

मैं सर्वशक्तिमान ईश्वर को सर्वोपरि मानता हूँ. मात्र इसलिए मैं सदा वेदों के उनके सच्चे संदेश का प्रचार करता हूँ.

स्वामी दयानंद सरस्वती


44. Even if people burn my fingers by burning them as candle sticks then even I will never deviate from path of saying truth.

Swami Dayanand Saraswati

यहाँ तक कि लोग मेरी उंगलियों को मोमबत्ती की तरह जलाकर भस्म कर दें, तब भी मैं सत्य वचन के मार्ग से नहीं भटकूंगा.

स्वामी दयानंद सरस्वती


45. They are real true persons who in this body with both happiness and sorrow never leaves the true path of Dharma.

Swami Dayanand Saraswati

वास्तविक सच्चे व्यक्ति वे हैं, जो इस शरीर में सुख और दुःख दोनों के साथ धर्म का सच्चा मार्ग कभी नहीं छोड़ते.

स्वामी दयानंद सरस्वती


46. You cannot stand tall emotionally when you are always at the receiving end.

Swami Dayananda Saraswati

अगर आप पर हमेशा ऊँगली उठाई जाती रहे तो आप भावनात्मक रूप से अधिक समय तक खड़े नहीं हो सकते.

स्वामी दयानंद सरस्वती


47. The commendable conduct of man is shown by his discriminate treatment of merits and sympathetic regard for pleasure and pain, profit and loss of others. The contrary course is reprehensible.

Swami Dayanand Saraswati

मनुष्य का सराहनीय आचरण योग्यता का भेदभावपूर्ण व्यवहार और दूसरों की ख़ुशी औए गम, लाभ और हानि के प्रति के सहानुभूतिपूर्ण व्यवहार द्वारा दिखाया जाता है. इसके विपरीत कार्यप्रणाली निंदनीय है.

स्वामी दयानंद सरस्वती


48. In life, loss is inevitable. Everyone knows this, yet in the core of most people it remains deeply denied – ‘This should not happen to me.’ It is for this reason that loss is the most difficult challenge one has to face as a human being.

Swami Dayananda Saraswati

जीवन में, हानि अपरिहार्य है. हर कोई यह जानता है, फिर भी अधिकतर लोगों के मूल में इसे गहराई से नकार दिया जाता है – ‘मेरे साथ ऐसा नहीं होना चाहिए.’ यह इस कारण है कि इंसान के रूप में हानि का सामना करना सबसे कठिन चुनौती है.

स्वामी दयानंद सरस्वती


49. People should never worship images. The spread of mental darkness is due to the prevalence of idolatry.

Swami Dayananda Saraswati

लोगों को कभी भी चित्रों की पूजा नहीं करनी चाहिए. मानसिक अंधकार का प्रसार मूर्तिपूजा के प्रचलन के कारण है.

स्वामी दयानंद सरस्वती


50. It is proper to take photographs or other kinds of pictures of persons to put them before us for sight or remembrance. But it is improper to make pictures and images of God.

Swami Dayanand Saraswati

देखने या स्मरण हेतु पाने सामने रखने के लिए व्यक्तियों की तस्वीरें या अन्य प्रकार के चित्र लेना उचित है. लेकिन ईश्वर के चित्र और तस्वीर बनाना अनुचित है.

स्वामी दयानंद सरस्वती


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