दुनिया में सबसे ज्यादा बिकने वाले खिलौने रूबिक्स क्यूब के अविष्कार की कहानी | Rubiks Cube Invention Story In Hindi

Rubiks Cube Invention Story In Hindi
Rubiks Cube Invention Story In Hindi

Rubiks Cube Invention Story In Hindi : दुनिया में सबसे ज्यादा बिकने वाले खिलौने Rubik’s Cube का अविष्कार १९७४ में हंगरी के Budapest College Of Applied Arts में आर्किटेक्चर के प्रोफ़ेसर Enro Rubik ने किया था.

जब यह बनाया गया था, तब वास्तव में यह खिलौना नहीं था. इसे एनरो रुबिक ने अपने विद्यार्थियों को 3-Dimensional geometry समझाने के उद्देश्य से बनाया था.

एनरो रुबिक ने लकड़ी के ५४ रंग-बिरंगे छोटे-छोटे क्यूबों को इलास्टिक से जोड़कर एक बड़े क्यूब की रचना की थी. इस क्यूब के ६ साइड थे, हर साइड पर ९ रंगीन क्यूब थे. इसकी खासियत यह थी कि इसमें हर छोटे क्यूब को घुमाया जा सकता था, जिससे इसके रंगों का संयोजन बदल जाता था. चुनौती यह थी कि इसे इस तरह घुमाया जाये कि सभी हिस्सों के रंग एक से हो जायें.

Rubik’s Cube को बनाने के बाद जब एनरो रुबिक ने इसे पहली बार घुमाया, तब उन्हें समझ में आया कि उन्होंने एक Puzzle का निर्माण कर दिया है क्योंकि इसे वापस अपनी जगह ज़माने में वे खुद ही चकरा गए. इसे rearrange करने के ४३,०००,०००,०००,०००,०००,००० से भी ज्यादा तरीके थे.

उन्हें क्यूब के सभी हिस्सों को एक रंग में ज़माने के लिए काफ़ी मशक्कत करनी पड़ी. आखिरकार एक माह मशक्कत करने के बाद एनरो रुबिक Rubik’s Cube की गुत्थी सुलझाने में कामयाब हुए. उन्होंने इसे Magic Cube का नाम देकर पेटेंट के लिए आवेदन कर दिया.

१९७५ में Magic Cube को पेटेंट मिलने के बाद इसकी बिक्री प्रारंभ हुई. लेकिन बिक्री की रफ़्तार बहुत धीमी थी. उन दिनों हंगरी में कम्युनिस्ट शासन होने के कारण वह Iron Curtain के पीछे था, जिससे वहाँ import और export नियंत्रित थे. हंगरी तक सीमित होने के कारण Magic Cube को अधिक सफलता नहीं मिल पा रही थी.

उन्हीं दिनों, हंगरी के एक व्यवसायी टिबर लक्ज़ी ने एक दिन कॉफ़ी शॉप में एक वेटर को Magic Cube खेलते हुए देखा. वे इस क्यूब से बहुत प्रभावित हुए और अगले ही दिन उन्होंने एनरो रुबिक से मुलाकात कर इस क्यूब को पश्चिमी देशों में बेचने के अधिकार हासिल कर लिये.

टिबर लक्ज़ी में १९७९ में ‘न्यूरेमबर्ग टॉय फ़ेअर’ में इसे प्रदर्शन के लिए रखा. ब्रिटिश खिलौना विशेषज्ञ टॉम क्रेमर को यह बहुत पसंद आया और वे इसे विश्व के अन्य भागों में बेचने ले लिए तैयार हो गये.

इसके वितरण के अधिकार ‘Ideal Toy Corporation’ को दिए गए और इसका नाम बदलकर ‘Rubik’s Cube’ रख दिया गया.

१९८० में Rubik’s Cube को लंदन, पेरिस, न्यूरेमबर्ग और न्यूयार्क के Toy Fare में रखा गया. जहाँ यह तत्काल लोकप्रिय हो गया. इसकी डिमांड बढ़ने लगी और इसके निर्माण के लिए कई फैक्ट्रीज बनानी पड़ी.

यह क्यूब इतना लोकप्रिय हुआ कि १९८० में इसे German Game Of the Year का पुरुस्कार प्राप्त हुआ. ब्रिटेन, अमरीका, फ्रांस में भी इसे Game Of the Year का पुरुस्कार प्राप्त हुआ.

इसकी लोकप्रियता का अंदाज़ा इसी बात से लगाया जा सकता है कि १९८२ में OxFord Dictionary में इसे शामिल किया गया. साथ ही इस पर कई पुस्तकें लिखी गई. अब तक लगभग बारह भाषाओँ में इस पर सौ से भी ज्यादा पुस्तकें लिखी जा चुकी हैं.

बाद में Rubik’s Cube के जैसे कई डुप्लीकेट क्यूब भी मार्केट में आये, जिससे इसकी बिक्री प्रभावित हुई. लेकिन आज भी यह खिलौना दुनिया में सबसे ज्यादा खेला जाने वाला खिलौना है, भले ही कोई इसका puzzle solve कर पाए या नहीं.

सोचने में अजीब लगता है कि क्या कोई एक खिलौने के दम पर मशहूर हो सकता है. लेकिन अपने इस खिलोने के दम पर एनरो रुबिक न सिर्फ मशहूर हुए बल्कि हंगरी के सबसे अमीर व्यक्ति भी बन गए.


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