मुठ्ठी भर मेंढक : नैतिक कथा | Muththi Bhar Mendhak Moral Story In Hindi

बहुत समय पहले की बात है. एक गाँव में एक सज्जन और ईमानदार व्यक्ति रहता था. गाँव के सभी लोग उसकी बहुत प्रशंषा करते थे. सभी लोगों का प्रशंषापात्र होने के कारण वह बहुत प्रसन्न था. एक दिन की बात है. काम से लौटते हुए उसे अपने आगे कुछ दूरी पर चलते हुए लोगों की बातें सुनाई पड़ी. वे उसके बारे में ही बातें कर रहे थे. वह जानता था कि गाँव के लोग उसकी प्रशंषा के पुल बांधा करते है.

साधु की सीख : प्रेरणादायक कहानी | Sadhu Ki Seekh Motivational Story In Hindi

एक गाँव में एक साधु रहता था. वह ‘बारिश वाले बाबा’ के नाम से जाना जाता था. जब भी वह नाचता, बारिश होती थी. बारिश न होने की स्थिति में गाँव के लोग उसकी सहायता लेने जाया करते थे. एक बार शहर से चार लड़के गाँव में आये. जब उन्हें ‘बारिश वाले बाबा’ के बारे में पता चला, तो वे उसका मजाक उड़ाने लगे. उन्होंने गाँव वालों के सामने दावा किया कि यदि उस साधु के नाचने से बारिश हो सकती है, तो हमारे नाचने से भी होगी.

घमंडी बारहसिंघा : हिंदी बाल कथा | Ghamandi Barahsingha Story In Hindi

एक जंगल में एक बारहसिंघा रहता था. उसे अपने सुंदर बारह सींगों पर बड़ा घमंड था. जब भी वह पानी पीने नदी पर जाता, तो नदी के स्वच्छ और शांत जल में अपने सुंदर सींगों को देखकर बहुत खुश होता. किंतु अपने पतले और भद्दे पैरों को देखकर दु;खी हो जाता. वह हमेशा सोचता कि भगवान ने उसे सींग तो बड़े सुंदर दिए हैं, लेकिन पैर बहुत ही भद्दे. ऐसे पैर किस काम के?

मेंढक और बैल : बाल कथा | The Frog And The Ox Story For Kids In Hindi   

जंगल के बीचों-बीच एक नदी बहती थी. उस नदी के किनारे एक मेंढक अपने तीन बच्चों के साथ रहता था. वे सभी खाते-पीते बाहरी दुनिया से अलग बड़े ही आराम की जिंदगी गुज़ार रहे थे. खा-पीकर मेंढक ने अच्छी सेहत बना ली थी. उसे देखकर उसके बच्चों को लगता कि दुनिया में उनके पिता जैसा विशाल और शक्तिशाली दूसरा कोई नहीं है. मेंढक को भी इस बात का अहंकार था.

एक गाँव में एक लड़का रहता था. उसके पिता दर्जी थे. एक दिन स्कूल की जल्दी छुट्टी हो जाने पर वह अपने पिता की दुकान पर चला गया. वहाँ पहुँचकर वह एक कोने में बैठ गया और बड़े ही ध्यान से अपने पिता को कपड़े सीते हुए देखने लगा. उसने देखा कि उसके पिता ने पहले कैंची से कपड़े को काटा और फिर कैंची को अपने पैर के नीचे दबा कर रख लिया.

प्यासा कौआ : बाल कथा  | The Thirsty Crow Story For Kids In Hindi

गर्मियों के दिन थे. एक प्यासा कौआ पानी की तलाश में यहाँ-वहाँ भटक रहा था. किंतु कई जगहों पर भटकने के बाद भी उसे पानी नहीं मिला. लगातार उड़ते रहने के कारण वह बहुत थक गया था और तेज गर्मी में उसकी प्यास बढ़ती जा रही थी. धीरे-धीरे वह अपना धैर्य खोने लगा. उसे लगने लगा कि आज उसकी मृत्यु निश्चित है.