किंग कैंप जिलेट का जीवन परिचय और सफ़लता की कहानी | King Camp Gillette Biography And Success Story

किंग कैंप जिलेट (King Camp Gillette) अमरीकी उद्योगपति थे, जिन्होंने दाढ़ी बनाने के डिस्पोजेबल सेफ्टी रेज़र (Safety Razor) का अविष्कार किया और दुनिया भर में मशहूर हो गए. उनके बनाये सेफ्टी रेज़र का इस्तेमाल आज पूरी दुनिया में किया जाता है.

King Camp Gillette Biography And Success Story
King Camp Gillette Biography And Success Story In Hindi

King Camp Gillette Short Biography

Name King Camp Gillette
Date Of Birth 5 January 1855
Place Of Birth Fond du Lac, Winsconsin, USA
Known For Inventor of Safely Razor & Founder of The Gillette Company
Death 9 July 1932

किंग कैंप जिलेट (King Camp Gillette) का जन्म ५ जनवरी १८५५ में फोंड-डू-लाक, विस्कांसिन, अमरीका में एक मध्यम वर्गीय परिवार में हुआ था. उनके पिता एक व्यवसायी थे.

किंग कैंप जिलेट ४ वर्ष थे, तब उनका परिवार शिकागो (Chicago) जाकर बस गया. उनके पिता ने वहाँ मशीनरी और इक्विपमेंट का व्यवसाय प्रारंभ कर लिया. जिलेट का बचपन शिकागो में व्यतीत हुआ और स्कूली शिक्षा उन्होंने शिकागो में ही प्राप्त की. बचपन से ही किंग कैंप जिलेट को अविष्कारों का शौक था और वे नई-नई चीज़ों के निर्माण करने में अपना अधिकांश समय व्यतीत किया करते थे.

स्कूली शिक्षा उन्होंने पूरी नहीं की. १७ वर्ष की उम्र में स्कूल छोड़ वे एक कंपनी में सेल्समैन की नौकरी करने लगे. कंपनी के प्रॉडक्ट बेचने के बाद जब भी समय मिलता, वे नये अविष्कारों में जुट जाते. उन्होंने नल का वाल्व, बिजली के तार का कवर जैसे कई अविष्कार किये और उनका पेटेंट भी करवाया. लेकिन इन अविष्कारों से कभी आर्थिक लाभ प्राप्त नहीं कर सके. मार्केटिंग के अभाव में उनके बनाये प्रॉडक्ट कभी आम जनता के बीच अपनी पहुँच नहीं बना सके.

बरहलाल, किंग कैंप जिलेट (King Camp Gillette) ने कभी आविष्कार करना नहीं छोड़ा और लगातार विभिन्न अविष्कार करते रहे. उनका सपना एक ऐसी चीज़ का अविष्कार करना था, जो दुनिया भर के लोगों के द्वारा इस्तेमाल की जा सके और जिसके दम पर वे लोकप्रिय और अमीर बन जायें.

१८९५ में उन्होंने एक नई कंपनी Crown Cork & Steel Company ज्वाइन कर ली. यहाँ वे सेल्समैन के तौर पर बोतल के कॉक बेचने का काम किया करते थे. उस कंपनी के चेयरमैन विलियम पेंटर किंग कैंप जिलेट के अविष्कारों के प्रति रूझान से अच्छी तरह वाकिफ थे. एक दिन उन्होंने किंग कैंप जिलेट को बुलाया और बताया कि कैसे उनकी ख़ुद की कंपनी बोतल के कॉक जैसे छोटे से प्रॉडक्ट की बदौलत चल रही है और वो भी ऐसा प्रॉडक्ट, जिसे इस्तेमाल कर फेंक दिया जाता है. उन्होंने किंग कैंप जिलेट को सुझाया कि उन्हें भी ऐसी किसी चीज़ का अविष्कार करना चाहिए, जिसे लोग इस्तेमाल कर फेंक दे और दोबारा इस्तेमाल करने के लिए फिर से खरीदें. इस तरह वह वस्तु हमेशा डिमांड में रहेगी और उसकी बिक्री का ग्राफ़ बढ़ता चला जायेगा.

विलियम पेंटर की बात किंग कैंप जिलेट को जम गई और वे ऐसी ही किसी वस्तु का आईडिया सोचने में लग गए. वे घंटों शब्दकोश उलट-पलटकर देखते रहते, ताकि वहाँ वर्णित किसी शब्द से उनके दिमाग में कोई नया आईडिया जन्म ले सके. वे अपने आईडिया की सूची बनाते, फिर उसे फाड़ देते. यूं ही दिन गुजर रहे थे, लेकिन उन्हें ऐसा कोई आईडिया नहीं सूझ रहा था, जिस पर वे काम शुरू कर सकें.

एक दिन ऑफिस जाने के पहले वे उस्तरे से दाढ़ी बना रहे थे. दाढ़ी बनाते समय उन्होंने ध्यान दिया कि उस्तरे की धार कम हो चुकी है और उससे दाढ़ी के बाल ठीक से साफ़ नहीं हो पा रहे हैं. उसी समय उनके मन में विचार कौंधा कि क्यों न एक ऐसे सेफ्टी रेज़र बनाई जाए, जिसे इस्तेमाल करने के बाद फेंक दिया जाए और फिर से ज़रूरत पड़ने पर नया खरीद लिया जाये. इस तरह बार-बार उस्तरा तेज करने की झंझट ख़त्म हो जाएगी. उनका आईडिया दोनों सिरों पर धार वाली एक पतली ब्लेड बनाने का था, जिसे होल्डर पर लगाया सके और इस्तेमाल के बाद होल्डर से निकालकर फेंका जा सके. इस आईडिया ने उनमें एक नई ऊर्जा का संचार कर दिया और वे अपने इस आईडिया को अमली-जामा पहनाने की दिशा में काम करने में लग गये.

सेफ्टी ब्लेड का मॉडल डिजाइन कर वे मैसेच्यूसेट्स इंस्टिट्यूट ऑफ़ टेक्नोलॉजी (Massachusetts Institute Of Technology) के विशेषज्ञों से मिले. लेकिन वहाँ उन्हें निराशा हाथ लगी, क्योंकि किसी ने भी इनके आईडिया को गंभीरता से नहीं लिया. सबका विचार था कि स्टील की इतनी पतली ब्लेड बना पाना तकनीकी तौर पर असंभव है. सबने उन्हें इस आईडिया पर काम करने का विचार छोड़ देने का परामर्श दिया.

विशेषज्ञों की नकारात्मक टिप्पणी के बावजूद किंग कैंप जिलेट अपना सपना साकार करने की दिशा में प्रयासरत रहे. वे अपने सेफ्टी ब्लेड की ड्राइंग लेकर लोगों से मिलते रहे. आखिरकार, १८९९ में बोस्टन (Boston) के एक मशीन बनाने वाले व्यक्ति स्टीवन पोर्टर ने इन्हें तीन रेज़र और कई ब्लेड बनाकर दे दी. अब किंग कैंप जिलेट (King Camp Gillette) को अपना सपना साकार होता दिखने लगा, क्योंकि विशेषज्ञों द्वारा असंभव बताई गई चीज़ उनके हाथ में थी.

लेकिन राहें अब भी आसान नहीं थीं. सेफ्टी रेज़र/ब्लेड के बड़े पैमाने पर उत्पादन हेतु मशीनों की आवश्यकता थी. इस सिलसिले में किंग कैंप जिलेट कई अविष्कारकों से मिले. अंत में विलियम निकरसन नामक अविष्कारक उनके लिए मशीन बनाने तैयार हो गया. लेकिन उसने यह शर्त रख दी कि वह मशीन तभी बनाकर देगा, जब उसे कंपनी में पार्टनर बनाया जायेगा. किंग कैंप जिलेट के पास उस शर्त को मानने के अलावा अन्य कोई विकल्प नहीं था. उन्होंने विलियम निकरसन को अपना पार्टनर बना लिया और विलियम निकरसन सेफ्टी रेजर बनाने की मशीन के निर्माण में जुट गया. १९०१ में सेफ्टी रेजर बनाने की मशीन का निर्माण कार्य पूरा हो गया. मशीन निर्माण के साथ ही किंग कैंप जिलेट ने “The Gillette Company” नाम देकर बोस्टन में सेफ्टी रेजर निर्माण और विक्रय की कंपनी स्थापित की.

१९०३ में “The Gillette Company” ने सेफ्टी रेज़र ब्लेड का व्यावसायिक उत्पादन प्रारंभ कर दिया. प्रचार के बावजूद पहला वर्ष कंपनी के लिए असफ़लता से भरा रहा, जो पूरे वर्ष मात्र ५१ होल्डर और १६८ ब्लेड ही बेच सकी. कंपनी घाटे में चल रही थी. मशीन निर्माण हेतु लिए गये कर्जों से ही किंग कैंप जिलेट की आर्थिक स्थिति पहले से ही ख़राब थी. अब दिवालियान की स्थिति खड़ी हो गई. उनके घर के आगे लेनदारों का जमवाड़ा लगा रहता और वे किसी तरह उन्हें समझा-बुझाकर वापस लौटाते रहते.

अपने प्रॉडक्ट और कंपनी की प्रारंभिक असफलता के बाद भी किंग कैंप जिलेट ने हार नहीं मानी और मेहनत करते रहे. १९०४ में सेफ्टी रेज़र को पेटेंट प्राप्त हो गया. इसके बाद वे रुके नहीं. उनका पहला कदम सेफ्टी रेजर के प्रति जनता का विश्वास पैदा करना था, ताकि वे पुराने उस्तरे को छोड़कर सेफ्टी रेजर का इस्तेमाल करने लगे.

लोगों के बीच अपने प्रॉडक्ट को पहुँचाने के लिए किंग कैंप जिलेट ने उन्होंने जबरदस्त मार्केटिंग का सहारा लिया. उन्होंने मार्केटिंग प्लान तैयार करवाया और सेफ्टी रेजर का अख़बारों और मैगज़ीन में विज्ञापन छपवाया. अख़बारों में रेजर ब्लेड की उपयोगिता के संबंध में लेख छपवाये, जिसमें यह भी बताया गया कि सही तरीके से कैसे रेजर ब्लेड का इस्तेमाल किया जाए? धीरे-धीरे लोगों का रेजर ब्लेड के प्रति विश्वास बढ़ने लगा और वे उसे खरीदने लगे. १९०४ में कंपनी ने ९०,८८४ होल्डर और १२.४ मिलियन ब्लेड बेचे. १९०५ में कंपनी में विदेशों में व्यवसाय का प्रसार करना प्रारंभ करने के लिए पेरिस (Paris) में मैन्युफैक्चरिंग प्लांट स्थापित किया और लंदन (London) में सेल ऑफिस खोला. विश्व युद्ध प्रथम तक ब्लेड का वार्षिक विक्रय ४० मिलियन यूनिट तक पहुँच चुका था. इसके बाद कंपनी ने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा और तरक्की की राह पर आगे बढ़ती रही.

जिलेट कंपनी हमेशा नवाचार में विश्वास करती रही. अपने कस्टमर्स को बेस्ट यूजर एक्सपीरियंस प्रदान कर उन्होंने ब्लेड के कई मॉडल डिज़ाइन करवाये, जैसे ट्विन ब्लेड से लेकर ट्रिपल ब्लेड और फाइव ब्लेड. आज छोटी सी सेफ्टी रेज़र ब्लेड का कारोबार पूरी दुनिया में फ़ैल गया.

किंग कैंप जिलेट ५० वर्ष की उम्र में ने अपनी कंपनी के सारे शेयर बेच दिए और केलिफोर्निया चले गए. वहीं ९ जुलाई १९३२ में ७७ वर्ष की उम्र में उनकी मृत्यु हुई. किंग कैंप जिलेट इस दुनिया से चले गये. लेकिन उनकी बनाई The Gillette Company उनके ब्रांडनेम के साथ दुनिया की प्रमुख सेफ्टी रेज़र और पर्सनल केयर प्रॉडक्ट कंपनी के रूप में तरक्की की सीढ़ी चढ़ती रही. २००५ में यह कंपनी Procter & Gamble Company के साथ मर्ज़ हो गई, लेकिन आज भी सेफ्टी रेजर Gillette ब्रांडनेम के साथ ही बेची जाती है. किंग सी. जिलेट ने छोटी सी सेफ्टी रेजर ब्लेड बनाने का सपना देखा और उसी छोटी सी सेफ्टी रेजर ब्लेड की बदौलत आज उनका नाम पूरी दुनिया में जाना जाता है.

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