भारत के सबसे डरावने और रहस्यमयी किले भानगढ़ का इतिहास | Bhangarh Fort History In Hindi

राजस्थान के अल्वर जिले में भानगढ़ का किला (Bhangarh Fort) स्थित है. जयपुर और दिल्ली मार्ग के मध्य में स्थित यह किला ‘सरिस्का राष्ट्रीय उद्यान’ (Sariska National Park) के एक छोर से लगा हुआ है. भानगढ़ का किला अपने बर्बाद होने के इतिहास और रहस्यमयी घटनाओं के कारण मशहूर है. यह भारत के सबसे डरावने स्थानों में गिना जाता है. यहाँ तक कि पुरातत्व विभाग द्वारा भी सूर्योदय और सूर्यास्त के उपरांत किले में प्रवेश न करने के संबंध में चेतावनी जारी की गई है.

श्रापित, उजाड़, भुतहा गाँव कुलधरा का इतिहास | Kuldhara Village History In Hindi

राजस्थान के जैसलमेर जिले से १८ किलोमीटर की दूरी पर स्थित गाँव है – “कुलधरा”. कभी अत्यंत समृद्ध यह गाँव आज खंडहर में तब्दील हो चुका है. रहस्यमयी और विचित्र गतिविधियों के कारण यह ‘भूतों का गाँव’ कहलाता है. हुआ यूं कि १८२५ की एक रात एकाएक यह गाँव खाली कर दिया गया. किवंदती है कि जाने के पूर्व गाँव के निवासियों ने यह श्राप दिया कि कोई इस गाँव में नहीं बस पायेगा. यदि किसी ने यहाँ बसने की कोशिश की, तो वह बर्बाद हो जायेगा. तब से यह गाँव वीरान और सुनसान पड़ा हुआ है. उस श्राप के कारण लोग इसे “श्रापित गाँव” मानते हैं.

यहाँ बनाई थी रावण ने स्वर्ग जाने की सीढ़ी | Story Behind Swarg Ki Seedhi In Hindi

हिमांचल प्रदेश के सिरमौर जिले के मुख्यालय नाहन से ७ किलोमीटर दूर घने जंगलों के मध्य “पौड़ीवाला शिवधाम” स्थित है. यह शिवधाम धार्मिक और ऐतिहासिक दोनों ही दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है. यह “स्वर्ग की दूसरी पौड़ी” के नाम से भी प्रसिद्ध है. प्राचीन मान्यताओं के अनुसार असुर सम्राट लंकाधिपति रावण ने इसी स्थान पर पृथ्वी से लेकर स्वर्ग तक जाने वाली सीढ़ी का निर्माण कार्य प्रारंभ किया था. आज भी उस सीढ़ी के अवशेष इस स्थान के आस-पास मौजूद हैं.

यूं बनी दुनिया की सबसे पहली जीन्स | History Of Jeans In Hindi

जीन्स की खोज का श्रेय लीवाइ स्ट्रॉस को जाता है. उनकी कंपनी का नाम ‘Levi Strauss & Co.’ है, जिसकी जीन्स बहुत मशहूर है. लीवाइ स्ट्रॉस का जन्म २६ फरवरी १८२९ को जर्मनी में हुआ था. १८ वर्ष की उम्र में वे अपनी माँ और बहनों के साथ न्यूयॉर्क चले आये और अपने बड़े भाई जोनस और लुइस के ड्राई-गुड्स के व्यवसाय ‘J. Strauss Brothers & Co.’ में हाथ बंटाने लगे. अपने भाई की न्यूयॉर्क की ड्राई-गुड्स स्टोर के विस्तार हेतु वे १८५३ में २३ वर्ष की उम्र में सैन फ्रांसिस्को आ गए और ड्राई-गुड्स स्टोर की ब्रांच खोल ली. लगभग २० वर्षों तक वे सैन फ्रांसिस्को में ड्राई-गुड्स का व्यवसाय करते रहे और एक व्यवसायी के साथ ही समाजसेवी के तौर पर भी अच्छा-खासा नाम कमा लिया.