अलीबाबा ग्रुप के संस्थापक जैक मा की सफलता की कहानी | Alibaba Group Founder Jack Ma Success Story In Hindi

कैसे बना एक टूरिस्ट गाइड चीन का सबसे अमीर व्यक्ति?

दोस्तों, आज मैं आपसे एक Tourist Guide के अरबपति बनने की कहानी share कर रही हूँ. यह कहानी एक ऐसे जुझारू व्यक्ति की है, जो कई वर्षों तक टूरिस्ट गाइड का काम करता रहा; जो कई प्रयासों के बाद भी एक छोटी सी नौकरी हासिल न कर सका. 30 जॉब इंटरव्यू में उसे reject कर दिया गया, लेकिन इसके बावजूद उसने हार नहीं मानी और अपने हर rejection को कुछ और करने का एक नया अवसर मानते हुए लगातार प्रयास करते रहा. अपने इसी जुझारूपन से उसने एक बहुत बड़ा business empire खड़ा कर लिया और आज वह चीन का सबसे अमीर व्यक्ति हैं.

यह कहानी हैं Alibaba Group के Founder & Executive Chairman “Jack Ma” की.  Alibaba Group एक चीनी e-commerce company हैं, जो web-portal के माध्यम से business-to-business, business-to-consumer और consumer-to-consumer sale service प्रदान करती है. यह विश्व की सबसे बड़ी retailer company है, जो २०० से अधिक देशों में संचालित है. साथ ही यह विश्व की सबसे बड़ी internet company भी है. आइये जानते हैं Jack Ma और Alibaba Group की सफलता की कहानी.

Alibaba Group Founder Jack Ma Success Story In Hindi
अलीबाबा ग्रुप के संस्थापक जैक मा की सफलता की कहानी

संक्षिप्त परिचय


Name – Jack Ma

Born – 10 September 1964

Place – Hangzhou

Occupation – Founder & Executive Chairman Of Alibaba Group


जैक मा का जन्म और प्रारंभिक जीवन

जैक मा (Jack Ma) का जन्म 10 सितम्बर 1964 को चीन के ज़ेज़िआंग प्रान्त के हन्हाजु गाँव में हुआ था. उनके जन्म के उपरांत उनके माता-पिता द्वारा उन्हें “मा युन” (Ma Yun) नाम दिया गया. जीविका उपार्जन हेतु उनके माता–पिता जगह-जगह घूमकर पारंपरिक गाने-बजाने का काम किया करते थे. उनका एक बड़ा भाई और एक छोटी बहन है.

चीन में मुख्य भाषा मंदारिन है और वहाँ अंग्रेजी बोलना आवश्यक नहीं माना जाता है. लेकिन जैक मा को बचपन से ही अंग्रेजी सीखने का शौक था. इसलिए वे प्रतिदिन सुबह साइकिल चलाते हुए अपने घर के समीप के एक होटल में जाया करते थे. वहाँ ठहरने वाले विदेशी पर्यटकों से टूटी-फूटी अंग्रेजी में बात कर वे अंग्रेजी की प्रैक्टिस किया करते थे.

अंग्रेजी सीखने की ललक में उन्होंने गाइड का काम करना भी प्रारंभ कर दिया. अपने खाली समय में वे विदेशी पर्यटकों को मुफ्त में शहर घुमाया करते थे. इस तरह उन्हें उनके साथ अधिक से अधिक समय बिताने का अवसर प्राप्त हो जाता था.

नौ वर्षों तक उन्होंने इसी तरह गाइड का कार्य किया. इस कार्य से न केवल उन्होंने अंग्रेजी सीखी बल्कि पश्चिमी सभ्यता, तकनीक व स्टाइल का ज्ञान भी प्राप्त किया.

विदेशी पर्यटकों को गाइड करते हुए उनकी एक विदेशी पर्यटक से मित्रता भी हो गई. वापस अपने देश जाने के बाद वह जैक को पत्र लिखा करता था. उसने ही उन्हें “जैक मा” का नाम दिया गया, क्योंकि जैक का चीनी नाम बोलने और लिखने में बहुत कठिन था. तबसे उन्हें “जैक मा” के नाम से जाना जाता है.

जैक मा की शिक्षा

जैक मा पढ़ाई में अच्छे नहीं थे. पांचवी कक्षा में वे दो बार फेल हो गए और आठवीं में तीन बार. जैसे-तैसे स्कूली शिक्षा पूर्ण करने के उपरांत जब उन्होंने विश्वविद्यालय की प्रवेश परीक्षा दी, तो इसमें भी वे तीन बार फेल हो गए.

प्रसिद्ध हॉवर्ड यूनिवर्सिटी (Howord University) से वे 10 बार रिजेक्ट हुए. उसके बाद उन्होंने ‘हंजाऊ टीचर्स ट्रेनिंग इंस्टिट्यूट’ में दाखिला ले लिया और 1988 में वहाँ से graduation पूर्ण किया.

Graduation पूर्ण करने के उपरांत उन्होंने 5 वर्षों तक एक लोकल कॉलेज में 15 डॉलर प्रति माह के वेतन पर अंग्रेजी के शिक्षक का कार्य किया. इस दौरान उन्होंने कई अन्य जगहों पर भी जॉब के लिए आवेदन दिया.

नौकरियों में लगातार rejection

जैक मा नौकरियों के लिए जहाँ भी वे आवेदन देते, वहाँ से उन्हें निराशा ही हाथ लगती. उन्होंने 30 अलग-अलग स्थानों पर नौकरी के लिए आवेदन दिया, लेकिन हर जगह से उन्हें रिजेक्ट कर दिया गया.

सबसे पहला इंटरव्यू उन्होंने पुलिस की नौकरी के लिए दिया, लेकिन अपनी डील-डॉल के कारण वे रिजेक्ट कर दिये गए.

जब चीन में पहली बार केफसी (KFC) खुला, तो 23 लोगों के लिए नौकरी का विज्ञापन निकला. 24 लोगों ने उस जॉब के लिए apply किया, जिसमें से जैक मा भी एक थे. 24 में से 23 लोगों को जॉब के लिए चुन लिया गया. जैक मा अकेले ऐसे candidate थे, जिन्हें रिजेक्ट कर दिया गया था.

Internet का पहली बार उपयोग

जॉब इंटरव्यू में लगातार रिजेक्ट होने के बाद उन्होंने bunisess में हाथ आजमाने का फैसला कर एक translation company खोल ली. अपनी कंपनी के काम से वे 1994 में अमरीका गए. वहाँ उन्हें पहली बार Internet का उपयोग करने का अवसर प्राप्त हुआ.

पहला शब्द जो उन्होंने Internet पर search किया, वह था – Bear ‘बियर’ अर्थात ‘भालू’. Search के दौरान उन्हें ‘बियर’ से संबंधित विभिन्न देशों की जानकारियाँ प्राप्त हुई, किंतु Chinese Bear से संबंधित कोई भी जानकारी उन्हें प्राप्त नहीं हुई.

फिर उन्होंने चीन से संबंधित अन्य सामान्य जानकारियाँ Internet पर search की. लेकिन वे हैरान रह गए कि चीन के बारे में कोई भी जानकारी Internet पर उपलब्ध नहीं थी. अपने देश की कोई जानकारी Internet पर न होने से जैक मा दुखी हो गए. उन्हें लगा कि उनका देश तकनीकी क्षेत्र में अन्य देशों की तुलना में बहुत पीछे है.

¤¤¤ आप पढ़ रहे है “Alibaba Group Founder Jack Ma Success Story In Hindi”¤¤¤

Ugly.com वेबसाइट की शुरुवात    

चीन से संबंधित जानकारी प्रदान करने के लिए उन्होंने अपने मित्रों के साथ मिलकर एक website बनाई, जिसका नाम उन्होंने रखा – ugly.com. इस website को बनाने के 5 घंटे के भीतर ही उन्हें कुछ चीनी लोगों के ई-मेल मिले, जो उनके बारे में जानना चाहते थे. इस घटना के बाद उन्हें अहसास हुआ कि Internet से बहुत कुछ किया जा सकता है.

China Yellow Pages नामक Company की स्थापना

1995 में जैक मा ने अपनी पत्नी और मित्रों के सहयोग से 20000 डॉलर लगाकर एक कंपनी की शुरूआत की. इस कंपनी का काम दूसरी कंपनियों के लिए website बनाना था. अपनी इस कंपनी का नाम उन्होंने ‘China Yellow Pages’ रखा.

एक वर्ष में इस कंपनी ने 80000 डॉलर कमाए. लेकिन पूंजी निवेश की कमी के कारण यह कंपनी अधिक सफल नहीं हो सकी और इसे बंद करना पड़ा.

उसके बाद जैक मा ने 1998 और 1999 के बीच में ‘चाइना इंटरनेशनल इलेक्ट्रॉनिक कॉमर्स सेंटर’ द्वारा स्थापित एक आईटी कंपनी में President के रूप में काम किया. 1999 में वहाँ से resign देकर वे वापस चीन आ गए.

alibaba.com (अलीबाबा.कॉम) की शुरूवात की

चीन वापस आने के बाद उन्होंने अपने 17 दोस्तों के साथ मिलकर 60000 डॉलर में अपने घर पर ही चीन की पहली Business-to-Business Marketplace वेबसाइट alibaba.com (अलीबाबा.कॉम) की शुरूवात की. इस वेबसाइट का उद्देश्य विश्व के विभिन्न suppliers और buyers को connect करना था.

alibaba.com को प्रारंभ में कुछ समस्याओं का सामना करना पड़ा. जिसके कारण सिलिकॉन वैली में कईयों ने इस प्रोजेक्ट को घाटेवाला business model करार दे दिया था.

लेकिन 1999 और 2000 में दो बड़ी कंपनियों ‘गोल्डमन सैक्स’ और ‘सॉफ्ट बैंक’ ने alibaba.com में कुल 25 डॉलर का निवेश किया. इस निवेश ने alibaba.com की growth में मदद की. इसके बाद इस कंपनी ने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा.

eBay.com को चीन से बाहर करना

जैक मा की टीम ने 2003 में taobao.com नाम की नीलामी वेबसाइट बनाई. उस समय तक चीन के नीलामी बाज़ार के बड़े हिस्से पर eBay.com का प्रभुत्व था. लेकिन taobao.com ने 4 वर्ष के भीतर ही eBay.com को बाहर का रास्ता दिखा दिया.

इसके अतिरिक्त जैक मा के alipay, aliyun, tmall आदि sites भी बनाई, जो Alibaba group के अंतर्गत ही है.

आज जैक मा चीन के सबसे अमीर व्यक्ति है. साथ ही विश्व के अमीरों में भी उनकी गिनती होती है. उनकी कुल संपत्ति 20 बिलियन डॉलर से भी अधिक है. उनकी कंपनी Alibaba ‘अलीबाबा’ का नेटवर्क फेसबुक से कहीं ज्यादा है. जितनी कमाई amezon और eBay मिलकर करती है, उससे कहीं ज्यादा जैक मा की कंपनी ‘Alibaba’ अकेले ही करती है.

Friends, आप पढ़ रहे थे – “Alibaba Group Founder Jack Ma Success Story In Hindi”.  ये Posts भी अवश्य पढ़ें :

¤ कैसे हुआ फोटोकॉपी मशीन का अविष्कार : चेस्टर कार्लसन की सफलता की कहानी

¤ कैसे बना एक किसान का बेटा दुनिया की सबसे बड़ी ऑटोमोबाइल कंपनी का मालिक: हेनरी फोर्ड की सफलता की कहानी

¤ कैसे एक तांगेवाला बना मसालों का बादशाह : MDH Masala की सफलता की कहानी 

Friends, आपको “Alibaba Group Founder Jack Ma Success Story In Hindi” कैसी लगी? आप अपने विचार अपने बहुमूल्य comments के माध्यम से बता सकते है. Thanks

 

Add Comment